Saturday, February 9, 2013

दीपा भलैक की पेंटिंग्स दिल्ली में प्रदर्शित

दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर एनेक्सी की कलादीर्घा में प्रदर्शित हिमाचल की चित्रकार दीपा भलैक की पेंटिंग्स में बिंबों का जो एक संपूर्ण और अर्थपूर्ण 'जगत' आभाषित महसूस होता है - जिसके चलते उनमें संपूर्णता की अनुभूति का जो कलात्मक आग्रह अभिव्यक्त होता है, वह असाधारण अनुभूतियों का जैसे रास्ता बनाता है । संपूर्णता की अनुभूति इस तरह से कि हम अपने समस्त क्षणिक लगावों को और आसपास की चीजों के हकीकतपन को भी भूल जाएँ ...ऐसा अनुभव हमें तुष्टि और पवित्रता देता है । उनकी पेंटिंग्स में रंग-रेखाओं के संयोजन के बीच कहीं-कहीं रहस्य और विस्मय, स्वप्न और यथार्थ, उपस्थित और अनुपस्थित के बीच की स्थितियों को जिस गहरी भावप्रवणता और कल्पना के साथ विन्यस्त किया गया है उसके चलते उनकी पेंटिंग्स गहरे व मार्मिक अर्थों में प्रभावित तो करती ही हैं, बार-बार देखे जाने के लिए उत्सुक भी बनाती हैं |
दीपा जी हालाँकि स्वयं-प्रशिक्षित चित्रकार हैं, किंतु रंग-रेखाओं की उनकी समझ और रंगों को बरतने की उनकी सामर्थ्य को वरिष्ठ चित्रकार राम कुमार शर्मा से बहुत स्पष्टता और समृद्धि मिली है । राम कुमार शर्मा से मिले सहयोग और समर्थन को दीपा जी ने सार्वजानिक रूप से बहुत कृतज्ञता के साथ प्रकट भी किया है । चंडीगढ़ के कॉलिज ऑफ ऑर्ट के पूर्व अध्यापक और मौजूदा समय में पंचकुला में बामा एकेडमी ऑफ फ़ाईन ऑर्ट के प्रवर्तक-निदेशक राम कुमार शर्मा के दिशा-निर्देशन के नतीजों के रूप में दीपा भलैक की कला में कई तरह के स्पंदनों को 'पकड़ने' की जो अभिव्यक्ति दिखती है, वह गहरे व मार्मिक अर्थों में वास्तव में प्रभावित करती है | दीपा जी को चित्रकला में रूचि तो बचपन से रही है और स्कूली जीवन के दिनों से ही उन्होंने चित्र बनाये हैं लेकिन एक चित्रकार 'बनने' का विश्वास उनमें राम कुमार शर्मा के संपर्क में आने के बाद ही पैदा हुआ । बामा एकेडमी की वार्षिक प्रदर्शनियों में अपनी पेंटिंग्स प्रदर्शित करके ही उन्होंने अपनी पेंटिंग्स को दिखाना शुरू किया । पिछले वर्ष ही उन्होंने शिमला के प्रतिष्ठित गैती हैरिटेज कल्चरल काम्प्लेक्स में अपनी पेंटिंग्स की पहली एकल प्रदर्शनी आयोजित की थी । दिल्ली में उन्होंने पहली बार अपनी पेंटिंग्स को प्रदर्शित किया है । 7 फरवरी से शुरू हुई उनकी पेंटिंग्स की प्रदर्शनी को 10 फरवरी तक देखा जा सकेगा ।