Tuesday, October 1, 2013

राम कुमार शर्मा कोलकाता के 'पेंटर्स ओर्केस्ट्रा' ग्रुप के सक्रिय सदस्य स्वप्न कुमार साहा के साथ

राम कुमार शर्मा ने अभी हाल ही में नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर की कला गतिविधियों में जो साझीदारी की थी, उसके तहत वह वहाँ की प्रमुख ऑर्ट गैलरी - विजुअल ऑर्ट गैलरी - में आयोजित एक समूह प्रदर्शनी देखने पहुँचे थे । इस समूह प्रदर्शनी में देश के विभिन्न प्रदेशों के विशिष्ट व प्रतिभाशाली कलाकारों का काम प्रदर्शित था ।
इस समूह प्रदर्शनी में राम कुमार शर्मा को स्वप्न कुमार साहा की पेंटिंग्स ने खास तौर से आकर्षित और प्रभावित किया । इसके चलते स्वप्न कुमार साहा के साथ उनकी लंबी और दिलचस्प बातचीत हुई । इस बातचीत में एक तरफ राम कुमार शर्मा ने स्वप्न कुमार साहा के बारे में तथा उनकी सक्रियता और उपलब्धियों के बारे में जाना, तो दूसरी तरफ स्वप्न कुमार साहा ने राम कुमार शर्मा के बारे में और उनकी सक्रियता व उपलब्धियों के संबंध में जानकारी ली । बामा अकादमी के बारे में सुन/जान कर स्वप्न कुमार साहा की जिज्ञासा इतनी बढ़ी कि फिर उन्होंने बामा अकादमी के बारे में राम कुमार शर्मा से कई सवाल पूछे और बामा अकादमी की गतिविधियों को खुले मन से बार-बार सराहा ।
राम कुमार शर्मा यहाँ दिए गए चित्रों में स्वप्न कुमार साहा के साथ उनकी पेंटिंग्स देखते हुए और उनसे बातचीत करते हुए नजर आ रहे हैं । स्वप्न कुमार साहा कोलकाता के 'पेंटर्स ओर्केस्ट्रा' ग्रुप के सक्रिय सदस्य हैं |



Sunday, September 22, 2013

बामा अकादमी में स्वामी विवेकानंद के संदेशों पर चित्र रचना

बामा अकादमी ने स्वामी विवेकानंद की 150वीं जयंती के मौके पर होने वाले समारोहों में अपनी भी संलग्नता और भागीदारी दिखाई, और इसके तहत अकादमी में स्वामी विवेकानंद के संदेशों पर आधारित एक चित्रशाला का आयोजन किया गया । बच्चों, किशोरों और बड़े चित्रकारों ने इस चित्रशाला में भाग लिया और इस आयोजन के पहले चरण में स्वामी विवेकानंद के संदेशों पर आधारित चित्र बनाये । दिनभर चले इस आयोजन के दूसरे चरण में चित्रशाला में बने/बनाये गये चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई तथा चित्रशाला में भागीदारी निभाने वाले चित्रकारों को सम्मानित किया गया । यहाँ प्रस्तुत चित्रों में आयोजन के कुछेक दृश्यों को देखा जा सकता है :





Saturday, September 21, 2013

पिछली एक वार्षिक प्रदर्शनी के कुछेक दृश्य

बामा अकादमी ने एक बार फिर अपनी वार्षिक प्रदर्शनी की तैयारी शुरू कर दी है । इस वर्ष आयोजित होने वाली वार्षिक प्रदर्शनी बामा अकादमी की पंद्रहवीं वार्षिक प्रदर्शनी होगी । यहाँ पिछली एक वार्षिक प्रदर्शनी में आमंत्रित मुख्य अतिथि द्धारा उद्घाटन के बाद प्रदर्शित चित्रों को देखे जाने तथा संबंधित चित्रकारों के साथ बातचीत करने के मौकों को देखा जा सकता है :





Tuesday, September 17, 2013

राम कुमार शर्मा इंडिया हैबिटेट सेंटर में

राम कुमार शर्मा हाल ही में नई दिल्ली के लोदी रोड स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में गए थे । इंडिया हैबिटेट सेंटर देश का अत्याधुनिक ऑर्ट सेंटर है, जहाँ नियमित रूप से विभिन्न कला गतिविधियाँ संचालित होती हैं । सेंटर की बिल्डिंग और वहाँ का वातावरण तो अद्भुत है ही; साथ ही वहाँ आयोजित होने वाले संगीत, नाटक, नृत्य, कविता पाठ, फिल्म के प्रदर्शन आदि समकालीन कला से परिचित कराने का महत्वपूर्ण काम करते हैं । वहाँ आयोजित होने वाली कला प्रदर्शनियाँ विदेशी कलाकारों के साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों में कार्यरत चित्रकारों और मूर्तिशिल्पकारों के काम और कलाकारों से रूबरू होने का मौका उपलब्ध कराती हैं । इंडिया हैबिटेट सेंटर की अपनी तरह की विशिष्ट बिल्डिंग के बीच राम कुमार शर्मा द्धारा गुजारे गए कुछेक 'मौकों' को यहाँ प्रस्तुत इन तस्वीरों में देखा जा सकता है :




Thursday, September 12, 2013

राज जैन की एकल प्रदर्शनी में राम कुमार शर्मा

आईफैक्स में आयोजित राज जैन की पेंटिंग्स की एकल प्रदर्शनी के आज आख़िरी दिन राम कुमार शर्मा ने अपनी उपस्थिति दर्ज की । इसके लिए राम कुमार शर्मा आज दोपहर ही चंडीगढ़ से दिल्ली पहुँचे और राज जैन की पेंटिंग्स के बीच उपस्थित हुए । राज जैन करीब पैंतालिस वर्ष पहले राम कुमार शर्मा के अध्यापक रह चुके हैं । चंडीगढ़ के कॉलिज ऑफ ऑर्ट में पढ़ाई के अंतिम दो वर्षों में - 1968 से 1970 तक - राम कुमार शर्मा को राज जैन का निर्देशन और प्रशिक्षण मिला । इस तथ्य को ध्यान में रखें, तो राम कुमार शर्मा का चंडीगढ़ से राज जैन की पेंटिंग्स की एकल प्रदर्शनी देखने आने का खास महत्व है । इस मामले में खास बात यह है कि आईफैक्स द्धारा प्रायोजित राज जैन की इस प्रदर्शनी के बारे में राम कुमार शर्मा को पहले से कोई जानकारी नहीं थी, और संयोग से सिर्फ चार दिन पहले ही उन्हें इस प्रदर्शनी की जानकारी मिली थी । आनन-फानन में उन्होंने चंडीगढ़ से दिल्ली आने का कार्यक्रम बनाया और चार दशक पहले अपने अध्यापक रहे राज जैन की पेंटिंग्स की प्रदर्शनी देखने आईफैक्स पहुँचे । यहाँ दिए गए चित्रों में राज जैन के साथ उनकी पेंटिंग्स के बीच राम कुमार शर्मा द्धारा बिताये गए कुछ क्षणों को 'पकड़ने' की कोशिश की गई है :







Saturday, February 9, 2013

दीपा भलैक की पेंटिंग्स दिल्ली में प्रदर्शित

दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर एनेक्सी की कलादीर्घा में प्रदर्शित हिमाचल की चित्रकार दीपा भलैक की पेंटिंग्स में बिंबों का जो एक संपूर्ण और अर्थपूर्ण 'जगत' आभाषित महसूस होता है - जिसके चलते उनमें संपूर्णता की अनुभूति का जो कलात्मक आग्रह अभिव्यक्त होता है, वह असाधारण अनुभूतियों का जैसे रास्ता बनाता है । संपूर्णता की अनुभूति इस तरह से कि हम अपने समस्त क्षणिक लगावों को और आसपास की चीजों के हकीकतपन को भी भूल जाएँ ...ऐसा अनुभव हमें तुष्टि और पवित्रता देता है । उनकी पेंटिंग्स में रंग-रेखाओं के संयोजन के बीच कहीं-कहीं रहस्य और विस्मय, स्वप्न और यथार्थ, उपस्थित और अनुपस्थित के बीच की स्थितियों को जिस गहरी भावप्रवणता और कल्पना के साथ विन्यस्त किया गया है उसके चलते उनकी पेंटिंग्स गहरे व मार्मिक अर्थों में प्रभावित तो करती ही हैं, बार-बार देखे जाने के लिए उत्सुक भी बनाती हैं |
दीपा जी हालाँकि स्वयं-प्रशिक्षित चित्रकार हैं, किंतु रंग-रेखाओं की उनकी समझ और रंगों को बरतने की उनकी सामर्थ्य को वरिष्ठ चित्रकार राम कुमार शर्मा से बहुत स्पष्टता और समृद्धि मिली है । राम कुमार शर्मा से मिले सहयोग और समर्थन को दीपा जी ने सार्वजानिक रूप से बहुत कृतज्ञता के साथ प्रकट भी किया है । चंडीगढ़ के कॉलिज ऑफ ऑर्ट के पूर्व अध्यापक और मौजूदा समय में पंचकुला में बामा एकेडमी ऑफ फ़ाईन ऑर्ट के प्रवर्तक-निदेशक राम कुमार शर्मा के दिशा-निर्देशन के नतीजों के रूप में दीपा भलैक की कला में कई तरह के स्पंदनों को 'पकड़ने' की जो अभिव्यक्ति दिखती है, वह गहरे व मार्मिक अर्थों में वास्तव में प्रभावित करती है | दीपा जी को चित्रकला में रूचि तो बचपन से रही है और स्कूली जीवन के दिनों से ही उन्होंने चित्र बनाये हैं लेकिन एक चित्रकार 'बनने' का विश्वास उनमें राम कुमार शर्मा के संपर्क में आने के बाद ही पैदा हुआ । बामा एकेडमी की वार्षिक प्रदर्शनियों में अपनी पेंटिंग्स प्रदर्शित करके ही उन्होंने अपनी पेंटिंग्स को दिखाना शुरू किया । पिछले वर्ष ही उन्होंने शिमला के प्रतिष्ठित गैती हैरिटेज कल्चरल काम्प्लेक्स में अपनी पेंटिंग्स की पहली एकल प्रदर्शनी आयोजित की थी । दिल्ली में उन्होंने पहली बार अपनी पेंटिंग्स को प्रदर्शित किया है । 7 फरवरी से शुरू हुई उनकी पेंटिंग्स की प्रदर्शनी को 10 फरवरी तक देखा जा सकेगा ।